जिंदगी तो मिली, लेकिन जीने का  कोई मकसद , समझ नहीं आता।

समझ नहीं आता | purpose of living

दूर जा रहे हर वह लोग जो जीने का सहारा था , यह समझ नहीं आता।
क्या करुँ??, 
     किसे कहूं??
          कैसे जीयूं ?? कुछ समझ नहीं आता,
हर पल किसी की तलाश में रहती हूं क्यों,यह समझ नहीं आता,
हर पल किसी के प्यार की भूख रखती हूं क्यों,यह समझ नहीं आता
ज़िंदगी तो मिली लेकिन जीने का कोई मकसद समझ नहीं आता ।।

मन में तेरे बहुत कुछ है,लेकिन ये बताऊं किसे ?
कौन बैठा तुझे सुनने वाला,ये तुझे समझाऊं कैसे ?
इस व्यस्त दुनिया में कोई किसी का नहीं ये तुझे बताऊं कैसे ?
मतलबी दुनिया में, कोई तेरे जैसे हमदर्द नही, 
      यह तुझे समझाऊं कैसे ?

ज़िंदगी तो मिली लेकिन जीने का कोई मकसद समझ नहीं आता।।

-------- सुरभि जैन