उठो भाइयों उठो | बहनों की पुकार | sister's savior brother rise up

किरण शर्मा  जी,  महाराष्ट्र से हैं जिनकी काव्यात्मक योग्यता का आइये हम रसास्वादन करें।


उठो भाइयों उठो | बहनों की पुकार | sister's savior brother rise up


उठो भाइयों उठो,
हम बहनों की ये पुकार हैं--
हमारे स्वाभिमान के खातिर ये
हमारी  ललकार हैं
उठो भाइयों उठो

उठो भाइयों उठो | बहनों की पुकार | sister's savior brother rise up

हर राखी के रिश्ते को तुम अपना फर्ज निभाओ,
अपनी बहनों के संग संग, 
हम बहनों की तुम लाज बचाओ।
घर-घर में हम हैं सिमटे,बँधे रस्म रिवाजों से,
आकर इन जंजीरों से तुम हमें मुक्त कर जाओ
उठो भाइयों उठो।

 

उठो भाइयों उठो | बहनों की पुकार | sister's savior brother rise up

नारी बहना नारी माता नारी से घर द्वार हैं,
नारी के बिना सारा जग एक खाली संसार हैं,
फिर क्यों नारी का शोषण नारी की अस्तित्व 
को लुटता सारा बाजार हैं।
उठो भाइयों उठो---


उठो भाइयों उठो | बहनों की पुकार | sister's savior brother rise up


औरत सीता, औरत दुर्गा है,
ममता की मूरत,
इंसान के भेष में भेड़ियों को कहाँ
दिखती हैं हम बहनों की सूरत--
बन जाना है,राख एक दिन 
इंसान ना समझ पाता हैं।
सब छोड़ इस दुनियां में
कर्म साथ ले जाना हैं।
उठो भाइयों उठो--

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